मेरी वफादारी की बात करते हो,
और सरेराह मेरी मोहब्बत नीलाम करते हो।
तुम क्या जानोगे मन को मेरे,
जब किन्ही और नजरो से मेरे चेहरे की पहचान करते हो।
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